Google
Play Store पर इन नौ मैलीशियस ऐप्स के बारे में कहा गया है कि इनमें मैलवेयर
के पाँच अलग-अलग प्रकार पाए गए हैं।
गूगल ने अपने प्ले
स्टोर से 9 ऐप हटा दिए हैं, जब शोधकर्ताओं ने
दिखाया कि उन्होंने चुपके से यूज़र्स के फ़ेसबुक लॉग-इन क्रेडेंशियल चुरा लिए हैं।
ऐप्स उन नामों के तहत छिपे हुए थे जो रोज़मर्रा के उपयोगी टूल और ऐप्स की तरह लगते
थे।
इनमें Rubbish Cleaner और Horoscope Daily शामिल हैं। एक रिपोर्ट
के मुताबिक़ इन मैलीशियस ऐप्स के गूगल प्ले स्टोर पर लगभग 5.9 मिलियन संयुक्त डाउनलोड
थे, जबकि अकेले PIP Photo के साथ 5.8 मिलियन डाउनलोड थे।
इनमें मैलवेयर के पाँच अलग-अलग प्रकार थे। गूगल ने इससे पहले निजता के उल्लंघन को लेकर
बच्चों के लिए बने तीन ऐप्स को हटा दिया था।
डॉ. वेब (Dr. Web), एक एंटीवायरस सर्विस,
की रिपोर्ट कहती है कि उनके मैलवेयर विश्लेषकों ने 9 संदेहास्पद ऐप्स की खोज की।
जिनमें
Processing
Photo
App
Lock Keep
Rubbish
Cleaner
Horoscope
Daily
Horoscope
Pi
App
Lock Manager
Lockit
Master
Inwell
Fitness
और
PIP
Photo ऐप्स थीं।
इन ऐप्स ने कथित तौर
पर ट्रोजन मैलवेयर के रूप में काम किया और यूज़र्स को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के
माध्यम से लॉग इन करके विज्ञापनों को डिसेबल करने का विकल्प प्रदान करने के बाद यूज़र्स
के फ़ेसबुक लॉग-इन क्रेडेंशियल्स को चुरा लिया। डॉ. वेब की रिपोर्ट को Ars Technica ने देखा।
इन ऐप्स ने फ़ेसबुक
के लॉग-इन पेज की हूबहू नकल दिखाकर यूज़र्स को बरगलाया। ऐप्स ने एक जावास्क्रिप्ट कमांड
लोड किया जिसने लॉग-इन क्रेडेंशियल्स को चुरा लिया। ऐप्स ने स्पष्ट रूप से ऑथराइजेशन
सेशन से ब्राउज़र कुकीज़ भी चुरा लीं। सभी मैलवेयर वेरिएंट थे और उन सभी ने कथित तौर
पर यूजर्स का डाटा चोरी करने के लिए एक समान जावास्क्रिप्ट कोड का उपयोग किया था। रिपोर्ट
में यह भी कहा गया है कि मैलवेयर वेरिएंट में से तीन देशी एंड्रॉइड ऐप थे और दो गूगल
के फ़्लटर एसडीके (Flutter SDK) का उपयोग करके बनाए गए थे।
डॉ. वेब द्वारा पहचाने
गए मैलवेयर वेरिएंट हैं-
Android.PWS.Facebook.13
Android.PWS.Facebook.14
Android.PWS.Facebook.15
Android.PWS.Facebook.17
और
Android.PWS.Facebook.18
गूगल के एक प्रवक्ता
ने Ars Technica को बताया कि उन्होंने गूगल प्ले स्टोर से सभी 9 ऐप के ऐप डेवलेपर्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जो इन डेवलेपर अकाउंट्स
को बाज़ार में कोई भी नया ऐप प्रकाशित करने से रोक देगा। यह गूगल का एक सकारात्मक कदम
है, मगर एक अलग नाम के
तहत एक नया डेवलेपर खाता 25 डॉलर (लगभग 1,900 रुपये) के मामूली शुल्क के साथ बनाया जा सकता है।
यूज़र्स को सलाह दी
जाती है कि वे किसी अज्ञात डेवलपर से कोई ऐप डाउनलोड न करें, भले ही ऐप के कितने
भी डाउनलोड हों। इस मामले में PIP Photo को अधिकतम 5.8 मिलियन डाउनलोड मिले, इसके बाद 500,000 डाउनलोड पर Processing Photo था। जिस किसी यूज़र ने भी इन ऐप्स को डाउनलोड किया है उसे संदिग्ध गतिविधियों
के लिए अपने डिवाइस और फ़ेसबुक अकाउंट की अच्छी तरह जाँच करनी चाहिए।
Labels:
सोशल मीडिया, एंड्रॉइड
Published
on 7-7-21
