एक दौर था जब मौत के
बाद परिवार का क्या होगा, बच्चों का क्या होगा, संपत्ति का क्या होगा, यह सोचा जाता था। अब एक सवाल नया पूछा जा रहा है कि मौत
के बाद सोशल मीडिया अकाउंट का क्या होगा? इस सवाल को हम तकनीकी नज़रिए से सोचते हैं। किसी के निधन के बाद फ़ेसबुक, ट्विटर, जीमेल या इंस्टाग्राम
जैसे अकाउंट का क्या होगा, क्या वह अकाउंट कोई और ऑपरेट करेगा, क्या अकाउंट सीम कार्ड
की तरह कुछ महीनों में ख़ुद ही बंद हो जाएगा, क्या कोई इसे हैक करके इस्तेमाल करेगा? हम कुछेक उदाहरणों
से इन सवालों के जवाबों की तरफ़ बढ़ते हैं।
जीमेल
जीमेल में इनएक्टिव
अकाउंट मैनेजर का फ़ीचर शुरु किया जा चुका है। इस फ़ीचर में आपको समयसीमा बतानी होती
है। ये समयसीमा ख़त्म होने के एक माह पहले जीमेल आपको ईमेल अलर्ट या टेक्स्ट मेसेज
भेज देगा। अगर उसके बाद आप अपने अकाउंट को एंटर नहीं करते तो गूगल आपके भरोसेमंद संपर्क
को नोटिफाई करेगा और आपका पूरा डाटा ट्रान्सफर कर देगा। हालाँकि इसके लिए आपको आपके
10 भरोसेमंद संपर्को
के बारे में गूगल को सूचित करना होता है। इनएक्टीव अकाउंट मैनेजर सेट अप करने के लिए
www.google.com/settings/account/inactive के भीतर setup पर क्लिक कीजिए।
ट्विटर
प्राइवेसी फॉर्म के
ज़रिए परिवार के सदस्य की बिनती के बाद ट्विटर मृतक का अकाउंट बंद कर देता है। दूसरा
विकल्प यही है कि अकाउंट को उसी अवस्था में रहने दें।
फ़ेसबुक
फ़ेसबुक में अगर आप
आपके अकाउंट को याद के तौर पर संभाल कर रखना चाहते है तो Legacy Contact एड कर सकते हैं। इसके
लिए अकाउंट के अंदर General Setting में Settings पसंद करें और Manage Account पर क्लिक करें। अपने मित्र का नाम टाइप करें और Add पर क्लिक करें। आपके
मित्र को सूचित कीजिए कि आप ख़ुद का अकाउंट उसके हवाले कर रहे हैं। मित्र को सूचित
करने के लिए Send विकल्प पर क्लिक करना होता है। अगर आपका परिवार आपके अकाउंट को बंद करना चाहता
हो या Memorialize करना चाहता हो तब बर्थडे रिमाइंडर जैसे फ़ीचर्स स्टोप हो जाएँगे। फ़ेसबुक को सूचित
करके वे अकाउंट को एक्सेस कर पाएँगे। हालाँकि प्राइवेट चेट वे देख नहीं पाएँगे।
